आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "pas-manzar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "pas-manzar"
नज़्म
हम भी अब के नाम तुम्हारा इस दिल पर तहरीर करेंगे
मंज़र मंज़र हैरानी है पस-मंज़र आबाद है तुम से
तारिक़ क़मर
नज़्म
किस की याद चमक उट्ठी है धुँदले ख़ाके हुए उजागर
यूँही चंद पुरानी क़ब्रें खोद रहा हूँ तन्हा बैठा