आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "shalgam"
नज़्म के संबंधित परिणाम "shalgam"
नज़्म
मौत और ज़ीस्त के संगम पे परेशाँ क्यूँ हो
उस का बख़्शा हुआ सह-रंग-ए-अलम ले के चलो
साहिर लुधियानवी
नज़्म
तुम्हारे लिए मैं शरीक-ए-हयात ओ शरीक-ए-सफ़र हूँ
शरीक-ए-ग़म-ए-जां शरीक-ए-शब-ए-ग़म शरीक-ए-सहर हूँ
रहमान फ़ारिस
नज़्म
आनंद नारायण मुल्ला
नज़्म
ज़िंदगी ढूँड ही लेती है सहारा आख़िर
इक न इक रोज़ शब-ए-ग़म की सहर भी होगी
सूफ़ी ग़ुलाम मुस्ताफ़ा तबस्सुम
नज़्म
चाँद देखा तिरी आँखों में न होंटों पे शफ़क़
मिलती-जुलती है शब-ए-ग़म से तिरी दीद अब के
फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
नज़्म
तूल दे कर तिरी ज़ुल्फ़ों को शब-ए-ग़म की तरह
फ़न के ए'जाज़ से नागिन सी बना देंगे तुझे