आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "silk"
नज़्म के संबंधित परिणाम "silk"
नज़्म
तेरी ख़िदमत पर जो बाँधेंगे कमर ऐ ख़ाक-ए-हिंद
होंगे वो तेरे लिए सिल्क-ए-गुहर ऐ ख़ाक-ए-हिंद
सफ़ीर काकोरवी
नज़्म
थे पुरान-ओ-वेद-ओ-गीता के मसाइल जिस क़दर
सिल्क-ए-रामायण में रखा तू ने सब को बाँध कर
जगत मोहन लाल रवाँ
नज़्म
सिल्क-ए-अंजुम हैं तिरी याद में आँसू अब तक
तेरे दामन को सितारों से सजाऊँ क्यूँकर
राबिया सुलताना नाशाद
नज़्म
मिटाया क़ैसर ओ किसरा के इस्तिब्दाद को जिस ने
वो क्या था ज़ोर-ए-हैदर फ़क़्र-ए-बू-ज़र सिद्क़-ए-सलमानी
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मेरी उम्मीदों का हासिल मिरी काविश का सिला
एक बे-नाम अज़िय्यत के सिवा कुछ भी नहीं
साहिर लुधियानवी
नज़्म
सिदक़-ए-ख़लील भी है इश्क़ सब्र-ए-हुसैन भी है इश्क़!
म'अरका-ए-वजूद में बद्र ओ हुनैन भी है इश्क़!
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
सर्व-क़द मिट्टी के बौनों के क़दम चूमेंगे
फ़र्श पर आज दर-ए-सिदक़-ओ-सफ़ा बंद हुआ