आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "sote"
नज़्म के संबंधित परिणाम "sote"
नज़्म
जिन के हंगामे अभी दरिया में सोते हैं ख़मोश
कश्ती-ए-मिस्कीन-ओ-जान-ए-पाक-ओ-दीवार-ए-यतीम
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
मिरी गोदी में रफ़्ता रफ़्ता दिन गुज़रा किए और तुम
न जाने सोते सोते मेरे सीने पर जवानी तक
अफ़ीफ़ सिराज
नज़्म
सुते से चेहरे पर हयात रसमसाती मुस्कुराती
न जाने कब के आँसुओं की दास्ताँ लिए हुए
फ़िराक़ गोरखपुरी
नज़्म
सोते हैं ख़ामोश आबादी के हंगामों से दूर
मुज़्तरिब रखती थी जिन को आरज़ू-ए-ना-सुबूर
अल्लामा इक़बाल
नज़्म
अख़्तरुल ईमान
नज़्म
गरचे है तालीम और रटने में बोद-उल-मशरिक़ैन
सोचते हैं वो कि अच्छा ज़ेहन है ख़ालिक़ की देन