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नज़्म
लाला-ओ-गुल क्या चमन भी तेरे क़दमों पर निसार
ये गुहर-हा-ए-सुख़न भी तेरे क़दमों पर निसार
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
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लाला-ओ-गुल क्या चमन भी तेरे क़दमों पर निसार
ये गुहर-हा-ए-सुख़न भी तेरे क़दमों पर निसार