आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "ulTaa"
नज़्म के संबंधित परिणाम "ulTaa"
नज़्म
अभी मैं ने दहलीज़ पर पाँव रक्खा ही था कि
किसी ने मिरे सर पे फूलों भरा थाल उल्टा दिया
परवीन शाकिर
नज़्म
बोली तस्वीर जो मैं ने उसे उल्टा पल्टा
मैं वो जामा हूँ कि जिस का नहीं सीधा उल्टा
सय्यद मोहम्मद जाफ़री
नज़्म
तू ने वरक़ को उल्टा वो दौर तू ने पल्टा
आँखों में मेरी अब तक फिरता है सब वो नक़्शा
मिर्ज़ा मोहम्मद हादी अज़ीज़ लखनवी
नज़्म
जो मेरा हाथ हो सीधा तो वो उल्टा दिखाता है
अगर उल्टा दिखाता हूँ तो फिर सीधा दिखाता है
ख़ालिद मुबश्शिर
नज़्म
इक बार यहाँ जो आता है बस भारत का हो जाता है
हर दिल की जोत जगाती हैं रंगीन फ़ज़ाएँ भारत की