आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "vafaa.e.n"
नज़्म के संबंधित परिणाम "vafaa.e.n"
नज़्म
भड़कते सीनों में बस रही हैं क़रार बन कर तिरी अदाएँ
तरसती रूहों को जाम-ए-इशरत पिला रही हैं तिरी वफ़ाएँ
मजीद अमजद
नज़्म
मोहब्बत उस की ख़ातिर है वफ़ाएँ उस की ख़ातिर हैं
कि मेरी इब्तिदाएँ, इंतिहाएँ उस की ख़ातिर हैं
ग़ुलाम मोहम्मद क़ासिर
नज़्म
मोहम्मद शफ़ीउद्दीन नय्यर
नज़्म
इन के हर लफ़्ज़ से आएगी वफ़ा की ख़ुशबू
इन के हर लफ़्ज़ में है जज़्ब मिरा ख़ून-ए-जिगर
सलाहुद्दीन नय्यर
नज़्म
जफ़ाओं के एवज़ में कीं वफ़ाएँ हर घड़ी हम ने
मगर इस बे-असर दिल से मोहब्बत की न बू निकली