आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "vaqt-e-imdaad"
नज़्म के संबंधित परिणाम "vaqt-e-imdaad"
नज़्म
इब्न-ए-इंशा
नज़्म
तज़लज़ुल क्यों ये वक़्त-ए-इन्ते’आश-ए-मुल्क-ओ-मिल्लत है
समाओ बिजलियाँ बन कर फ़रंगी 'ऐश-ख़ानों में
रज़ी बदायुनी
नज़्म
एक दिल और मुश्किलें इतनी कि मुश्किल है बयाँ
या-अली आसान क्यूँकर हों दम-ए-इमदाद है
मंझू बेगम लखनवी
नज़्म
रूठने वाले ब-पास-ए-वक़्त-ओ-आदाब-ए-शबाब
पिछली बातें भूल जाने का ज़माना आ गया