आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "vichaar"
नज़्म के संबंधित परिणाम "vichaar"
नज़्म
हर आन दिलों विच याँ अपने जो ध्यान गुरु का धरते हैं
और सेवक हो कर उन के ही हर सूरत बीच कहाते हैं
नज़ीर अकबराबादी
नज़्म
तुम नन्ही बुनियादें हो दुनिया के नए विधान की
बच्चो तुम तक़दीर हो कल के हिन्दोस्तान की
साहिर लुधियानवी
नज़्म
ख़तीब-ए-आज़म अरब का नग़्मा अजम की लय में सुना रहा है
सर-ए-चमन चहचहा रहा है सर-ए-विग़ा मुस्कुरा रहा है