आपकी खोज से संबंधित
परिणाम "zi-bas"
नज़्म के संबंधित परिणाम "zi-bas"
नज़्म
एक दिन इक मोर से कहने लगी ये मोरनी
ख़ुश-सदा है ख़ुश-अदा है ख़ुश-क़दम ख़ुश-रंग है
बासिर सुल्तान काज़मी
नज़्म
जहाँ में हर तरफ़ है इल्म ही की गर्म-बाज़ारी
ज़मीं से आसमाँ तक बस इसी का फ़ैज़ है जारी
अहमक़ फफूँदवी
नज़्म
बयाज़-ए-दिल को जो खोलें तो जुस्तुजू होगी
हर एक सफ़्हा-ए-हस्ती की गुफ़्तुगू होगी