ADVERTISEMENT

Quotes on Animal

मुसलमान हमेशा एक अमली क़ौम रहे हैं। वो किसी ऐसे जानवर को मुहब्बत से नहीं पालते जिसे ज़िब्ह कर के खा ना सकें।

Mushtaq Ahmad Yusufi

जो शख़्स कुत्ते से भी डरे उसकी वलदियत में शुब्हा है।

Mushtaq Ahmad Yusufi

उम्र-ए-तबीई तक तो सिर्फ़ कव्वे, कछुवे, गधे और वो जानवर पहुंचते हैं जिनका खाना शर्अ़न हराम है।

Mushtaq Ahmad Yusufi

बंदर में हमें इसके इलावा और कोई ऐब नज़र नहीं आता कि वो इन्सान का जद्द-ए-आला है।

Mushtaq Ahmad Yusufi
ADVERTISEMENT

मुर्ग़ की आवाज़ उसकी जसामत से कम-अज़-कम सौ गुना ज़्यादा होती है। मेरा ख़्याल है कि अगर घोड़े की आवाज़ इसी मुनासिबत से होती तो तारीख़ी जंगों में तोप चलाने की ज़रूरत पेश आती।

Mushtaq Ahmad Yusufi