aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
पुण्य तिथि
आधुनिक उर्दू नज़्म के संस्थापकों में शामिल। अग्रणी फ़िल्म-संवाद लेखक। फ़िल्म ' वक़्त ' और ' क़ानून ' के संवादों के लिए मशहूर। फ़िल्म 'वक़्त' में उनका संवाद ' जिनके घर शीशे के हों वो दूसरों पर पत्थर नहीं फेंकते ' , आज भी ज़बानों पर
एक लड़का
दयार-ए-शर्क़ की आबादियों के ऊँचे टीलों पर