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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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आज की प्रस्तुति

प्रमुख पूर्वाधुनिक शायरों में विख्यात, जिन्होंने आधुनिक उर्दू गज़ल के लिए राह बनाई/अपने गहरे आलोचनात्मक विचारों के लिए विख्यात/भारतीय ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित

आज भी क़ाफ़िला-ए-इश्क़ रवाँ है कि जो था

वही मील और वही संग-ए-निशाँ है कि जो था

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