Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

Filter : Date

Section:

आज की प्रस्तुति

लखनऊ के मुम्ताज़ और नई राह बनाने वाले शायर/मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन

सब हमारे लिए ज़ंजीर लिए फिरते हैं

हम सर-ए-ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर लिए फिरते हैं

पूर्ण ग़ज़ल देखें

इमाम बख़्श नासिख़ के बारे में शेयर कीजिए

बोलिए