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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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आज की प्रस्तुति

लखनऊ और रामपूर स्कूल के मिले-जुले रंग में शायरी के लिए माशूहर उत्तर- क्लासिकी शायर

क्यूँ वस्ल में भी आँख मिलाई नहीं जाती

वो फ़र्क़ दिलों का वो जुदाई नहीं जाती

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