aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
महत्वपूर्ण प्रगतिशील शायर। उनकी कुछ ग़ज़लें ' बाज़ार ' और ' गमन ' , जैसी फिल्मों से मशहूर
ज़िंदगी मोतियों की ढलकती लड़ी ज़िंदगी रंग-ए-गुल का बयाँ दोस्तो
गाह रोती हुई गाह हँसती हुई मेरी आँखें हैं अफ़्साना-ख़्वाँ दोस्तो