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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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स्मृति

पुण्य तिथि

आख़िरी मुग़ल बादशाह बहादुर शाह ज़फ़र के उस्ताद और राजकवि , मिर्ज़ा ग़ालिब से उनकी प्रतिद्वंदिता प्रसिद्ध है।

मरज़-ए-'इश्क़ जिसे हो उसे क्या याद रहे

दवा याद रहे और दु'आ याद रहे

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