Anwar Shuoor's Photo'

अग्रणी पाकिस्तानी शायरों में से एक, एक अख़बार में रोज़ाना सामयिक विषयों पर 'क़िता' लिखते हैं।

अग्रणी पाकिस्तानी शायरों में से एक, एक अख़बार में रोज़ाना सामयिक विषयों पर 'क़िता' लिखते हैं।

अनवर शऊर के ऑडियो

ग़ज़ल

यादों के बाग़ से वो हरा-पन नहीं गया

अनवर शऊर

उन से तन्हाई में बात होती रही

नोमान शौक़

क्या बे-मुरव्वती का शिकवा गिला किसी से

नोमान शौक़

ख़्वाह दिल से मुझे न चाहे वो

नोमान शौक़

जो हम-कलाम हो हम से उसी के होते हैं

नोमान शौक़

बुरा बुरे के अलावा भला भी होता है

नोमान शौक़

रही रात उन से मुलाक़ात कम

नोमान शौक़

हवस बला की मोहब्बत हमें बला की है

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI