ग़ौस सीवानी के लेख
ख़त्ताती का फ़न, हिंदुस्तान का मुश्तरका तहज़ीब की विरासत
खत्ताती (सुलेख) का फ़न, हिंदुस्तान की साझी तहज़ीब की विरासत हिंदुस्तानी खत्ताती या इंडियन कैलीग्राफी (Indian Calligraphy) का इतिहास लगभग एक हज़ार साल पुराना है। भारत में रहने वालों के पूर्वज अलग-अलग देशों से आए थे, इसलिए वे अपने साथ अलग-अलग तहज़ीबें
उर्दू शायरी में राम, रामायण और दशहरा
प्राचीन हिंदू मान्यताओं के अनुसार भगवान राम ईश्वर के अवतार थे। हिंदू धर्म में, उन्हें विष्णु के 10 अवतारों में से सातवां माना गया है। राम के जीवन की कहानी महर्षि वाल्मीकि ने लिखी है जिसे रामायण का नाम दिया गया है। इस पर तुलसीदास ने भी भक्ति शायरी की
क़व्वाली का फ़न हिंदुस्तानी तहज़ीब की विरासत
भारत और पाकिस्तान में क़व्वाली के फ़न को लोकप्रियता हासिल रही है और बहुत सी क़व्वालियां यहां आम लोगों में मशहूर हो चुकी हैं। हज़रत अमीर ख़ुसरो से जुड़ी "छाप तिलक सब छीनी रे", "ऐ री सखी री मोरे ख़्वाजा घर आए" से लेकर "भर दो झोली मेरी या मोहम्मद", "सजदे