दरस मक़ामात हरिरी
मक़ामात हरिरी के इब्तिदाई दस मक़ामों की जदीद शरह जो सलीस तर्जुमा, अल्फ़ाज़ की लुग़वी तहक़ीक़, उनके जदीद इस्तिलाही मआनी, अशआर की तरकीब और हर मक़ामा के खुलासा के साथ साथ लुग़वी नवादिरात, अमसाल-ओ-हिकायत और अदबी लताइफ़ पर मुश्तमिल है।
1998