Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

महमूद ख़ावर

ग़ज़ल 1

 

अशआर 1

यूँ तो तन्हाई का एहसास अज़ल से है हमें

कुछ दिनों से तो दिल-ए-ज़ार बहुत तन्हा है

  • शेयर कीजिए
 

पुस्तकें 10

 

"हैदराबाद" के और लेखक

Recitation

बोलिए