संजय भट्ट, जो 15 अगस्त, 1979 को जम्मू और कश्मीर में पैदा हुए, पेशे से इंजीनियर हैं और उर्दू शाइरी से गहरी वाबस्तगी रखते हैं। मुख़्तलिफ़ उर्दू शाइरों के कलाम को पढ़ना और समझना हमेशा से उनके लिए आकर्षण का केंद्र रहा है, और यही शौक़ उन्हें अपने ख़यालात और जज़्बात को शाइरी की सूरत में क़लम-बंद करने की तहरीक देता रहा है।