अमान अब्बास के शेर
मैं सोचता रहता हूँ ब-हर-हाल कि क्या था
आँखों में तिरी मेरा जहाँ होने से पहले
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere