बज़्म-ए-सदफ इंटरनेशनल का परिचय
बज़्म-ए-सदफ़ इंटरनेशनल उर्दू भाषा, साहित्य और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित एक सक्रिय अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संस्था है, जिसकी स्थापना क़तर में बसे भारतीय साहित्यप्रेमी और समाजसेवी शहाबुद्दीन अहमद ने की। संस्था का उद्देश्य विश्वभर में फैले उर्दू-प्रेमियों और साहित्यकारों को एक साझा मंच प्रदान करना तथा साहित्यिक, सांस्कृतिक और शैक्षिक गतिविधियों के माध्यम से उर्दू के विकास को प्रोत्साहित करना है। अपने त्रैमासिक साहित्यिक पत्र "सदफ़", संगोष्ठियों, मुशायरों और प्रकाशन-परियोजनाओं के माध्यम से इस संस्था ने उर्दू जगत में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
बज़्म-ए-सदफ़ इंटरनेशनल ने उर्दू साहित्य के प्रचार के लिए अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों, मुशायरों तथा साहित्यिक पुरस्कारों का आयोजन किया है। यह संस्था वरिष्ठ साहित्यकारों के योगदान के सम्मान, नई पीढ़ी के रचनाकारों के प्रोत्साहन, दुर्लभ एवं अप्रकाशित पुस्तकों के प्रकाशन तथा आर्थिक कठिनाइयों से जूझ रहे लेखकों की सहायता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में संलग्न है। इसके अतिरिक्त संस्था विभिन्न देशों में उर्दू पुस्तकालयों की स्थापना और शैक्षिक एवं प्रशिक्षण संबंधी परियोजनाओं को भी आगे बढ़ा रही है।
अपनी साहित्यिक, सांस्कृतिक और प्रकाशनगत गतिविधियों के परिणामस्वरूप बज़्म-ए-सदफ़ ने पुस्तकों, पत्रिकाओं और अन्य महत्वपूर्ण साहित्यिक सामग्री का एक मूल्यवान संग्रह तैयार किया है, जिसका चयनित भाग अब रेख़्ता की डिजिटल लाइब्रेरी पर उपलब्ध है।