गोविन्द गुलशन
ग़ज़ल 30
अशआर 6
पहले तलाश कीजिए मंज़िल की रहगुज़र
फिर सोचिए कि राह में दीवार कौन है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
ज़िद पर अड़े हुए हैं ये दिल भी दिमाग़ भी
अब देखना है इन में असर-दार कौन है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
रहगुज़र है उदास मेरी तरह
जाने कब वो यहाँ से गुज़रेगा
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
फिर मुझे याद आएगा बचपन
इक ज़माना गुमाँ से गुज़रेगा
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
ज़ेहन और दिल में जो अन-बन है वो अन-बन न रहे
इस लिए दरमियाँ दीवार बना रक्खी है
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
वीडियो 19
This video is playing from YouTube
वीडियो का सेक्शन
शायर अपना कलाम पढ़ते हुए
अन्य शायरों को पढ़िए
-
आदिल फ़रहत
-
कैफ़ी हैदराबादी
-
ज़ेब ग़ौरी
-
हफ़ीज़ होशियारपुरी
-
जगदीश सहाय सक्सेना
-
आक़िब जावेद
-
लाला माधव राम जौहर
-
आएशा मसूद मलिक
-
शाैकत वास्ती
-
मज़हर मिर्ज़ा जान-ए-जानाँ
-
ज़फ़र मुरादाबादी
-
सिब्त अली सबा
-
अब्दुर्रहमान मोमिन
-
अहमद रिज़वान
-
जमील मुरस्सापुरी
-
ज़की काकोरवी
-
आस्नाथ कंवल
-
अतुल अजनबी
-
अमीन राहत चुग़ताई
-
अज़ीज़ बानो दाराब वफ़ा