इज़हार रामपुरी के शेर
अभी तकमील-ए-उल्फ़त पर न दिल मग़रूर हो जाए
ये मंज़िल वो है जितनी तय हो उतनी दूर हो जाए
-
शेयर कीजिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere