नदीम सिरसीवी के शेर
आजिज़ी कहने लगी गर हो बुलंदी की तलब
दिल झुका दाइरा-ए-ना'रा-ए-तकबीर में आ
-
टैग : आजिज़ी
-
शेयर कीजिए
- ग़ज़ल देखिए
- सुझाव
- प्रतिक्रिया
- डाउनलोड