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aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

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सहबा अख़्तर

1931 - 1996 | कराची, पाकिस्तान

प्रमुख शायर और गीतकार, मुशायरों में अपने दिलकश अंदाज़ के लिए मशहूर, नज़्म, ग़ज़ल, गीत और देशभक्ति गीतों में उल्लेखनीय काम किया

प्रमुख शायर और गीतकार, मुशायरों में अपने दिलकश अंदाज़ के लिए मशहूर, नज़्म, ग़ज़ल, गीत और देशभक्ति गीतों में उल्लेखनीय काम किया

सहबा अख़्तर के ऑडियो

ग़ज़ल

कुल जहाँ इक आईना है हुस्न की तहरीर का

नोमान शौक़

ख़ुद को शरर शुमार किया और जल बुझे

नोमान शौक़

गूँज मिरे गम्भीर ख़यालों की मुझ से टकराती है

नोमान शौक़

तुम ने कहा था चुप रहना सो चुप ने भी क्या काम किया

नोमान शौक़

सवाल-ए-सुब्ह-ए-चमन ज़ुल्मत-ए-ख़िज़ाँ से उठा

नोमान शौक़

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