हे हनूमान

ज़फ़र इक़बाल

गोरा पब्लिशर्स, लाहौर
1997 | अन्य

पुस्तक: परिचय

परिचय

ہنومان رامائن کا ایک اہم کردارہیں۔ جن کے متعلق کہا جاتا ہے کہ وہ بنیادی طور پر بندر تھے،لیکن اتنے طاقتور تھے کہ ایک ہی چھلانگ میں بھار ت سے سری لنکا پہنچ گئے تھے ۔ رامائن کے مطابق ہنو مان جی اتنے طاقتور تھے کہ ایک دفعہ جڑی بوٹیاں لینے کے لیے گئے تو پہاڑ اٹھا لائے تھے۔ہنومان بندوروں کے سردار مانے جاتے ہیں۔ہنومان جی نے رامائن میں مختلف واقعات میں ،ہر قدم اور ہر پریشانی میں رام جی کے ساتھ رہے۔ پیش نظر شعری مجموعہ"ہے ہنومان"میں ہنومان جی کے مختلف کرداروں کو شاعرانہ پیرائیہ میں ڈھالا ہے۔شاعر ظفر اقبال نے ہنومان جی کے مختلف کرداروں کو علامتوں اور استعاروں میں مکمل کرتے ہوئے دور حاضر تک لانے کی کوشش کی ہے۔

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लेखक: परिचय

ज़फ़र इक़बाल

ज़फ़र इक़बाल

ज़फ़र इक़बाल का जन्म 1933 को लाहोर के शहर ओकाड़ा में हुआ। ज़फ़र इक़बाल आधुनिकतावादी उर्दू शाइ’री में, ग़ज़लकारी की एक नई शैली और परंपरा स्थापित करने वाले प्रमुखतम शाइ’र हैं, जिन्होंने ग़ज़ल को एक चुनौती के तौर पर धारण किया और इस आग के दरिया में से और भी रौशन हो कर निकले। उन्होंने क्लासिकी ग़ज़ल की मिट्टी को अपनी रचनात्मक प्रतिभा के चाक पर चढ़ा कर, अभिव्यक्ति और तकनीक के नए साँचे बनाए और एक नए भाव-संसार की संभावनाओं की ख़बर दी। भाषा की सरहदें फैलाने के प्रयत्न किए। शब्दों को उनके शब्दकोषीय और परिचित अर्थों से हटा कर, नए और अप्रत्याशित संदर्भों में साक्रिय करके एक नया अर्थ-बोध हासिल करने की कोशिश भी उनका एक महत्वपूर्ण योगदान है। ज़फ़र इक़बाल की एक बड़ी उपलब्धि ये भी है कि तमामतर प्रयोगवादी नए-पन के बावजूद उनके शेर कभी बेमज़ा नहीं होते और बार बार एक नए आश्चर्य-जगत की सैर कराते हैं।

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