jan nisar akhtar

जाँ निसार अख़्तर

अंजुमन तरक़्क़ी उर्दू (हिन्द), अलीगढ
1957 | अन्य

पुस्तक: परिचय

परिचय

جان نثار اختر بیسویں صدی کے ایک بڑے ترقی پسند اور رومانی شاعر ہیں۔ترقی پسند تحریک کے فعال رکن بھی ہیں۔ان کی شاعری میں جہاں معروضی صداقتوں کا برملا اظہار ہے وہیں ان کی شاعری رومانیت کی چاشنی سے بھی لبریز ہیں۔ کہیں کہیں مایوسی اورناامیدی کی پرچھائیں بھی جابجا ملتی ہیں۔ زیر مطالعہ جاں نثار اختر کے کلام کا انتخاب ہے۔جو انجمن ترقی اردو علی گڑھ نے اردوشاعروں کا انتخابی سلسلہ کے تحت شائع کیا ہے۔جس میں ان کی غزل ،جسارت ،تصور، عزم ،مراجعت ،زندگی وغیرہ نظمیں شامل ہیں۔

.....और पढ़िए

लेखक: परिचय

जाँ निसार अख़्तर

जाँ निसार अख़्तर

जाँ-निसार अख़्तर, सय्यद जाँ-निसार हुसैनरिज़्वी

 

1914-1976

प्रगतिशीलआन्दोलनमेंसक्रिय, प्रमुखशाइरोंमेंशामिल, जिन्होंनेश्क़ियाशाइरीकोनएयथार्थ-बोधसेपरिचितकराया।फ़िल्मोंकेविख्यातगीतकार।ग्वालियरमेंजन्म।मुस्लिमयूनिवर्सिटीलीगढ़मेंतालीम।ग्वालियरऔरभोपालमेंअध्यापन, फिरमुंबईमेंक़याम।मशहूरक्लासिकीशाइमुज़्तरख़ैराबादीउनकेपिताथेऔरमशहूरफ़िल्मलेखकऔरगीतकारजावेदअख़्तरउनकेबेटेहैं

.....और पढ़िए

लेखक की अन्य पुस्तकें

पूरा देखिए

लोकप्रिय और ट्रेंडिंग

पूरा देखिए

पुस्तकों की तलाश निम्नलिखित के अनुसार

पुस्तकें विषयानुसार

शायरी की पुस्तकें

पत्रिकाएँ

पुस्तक सूची

लेखकों की सूची

विश्वविद्यालय उर्दू पाठ्यक्रम