aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
शहज़ाद अंजुम बुरहानी मध्य प्रदेश के तारीख़ी शहर दारुस्सुरूर बुरहानपुर में पैदा हुए। इंटर तक भोपाल बोर्ड से तालीम हासिल की, उसके बाद एम.ए. (उर्दू) देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी (इंदौर) से किया। यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन के तहत जे.आर.एफ़ करने के बाद अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पी.एच.डी. प्रोफ़ेसर अबुल कलाम क़ासमी की निगरानी में “आज़ादी के बाद एहितजाजी शायरी” के उन्वान से की। उनकी अब तक पाँच किताबें प्रकाशित हो चुकी हैं।
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