वे पेशे से वैज्ञानिक (Council of Scientific and Industrial Research - CSIR) से जुड़े रहे हैं और साथ ही उर्दू शायरी, ग़ज़ल और सामाजिक मुद्दों पर लिखने के लिए भी जाने जाते हैं।
जन्म: 1956, अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश)
काम का क्षेत्र:
विज्ञान प्रसार (Science Communication)
उर्दू शायरी और नज़्में
सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और इंसानियत के विषयों पर लेखन
विशेषताएँ:
उनकी शायरी में समकालीन मुद्दे, मानवता और शांति का संदेश मिलता है।
उन्होंने कई डॉक्यूमेंट्री फ़िल्में बनाईं और विज्ञान को आम जनता तक पहुँचाने का काम किया।