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मक़बूल ज़की मक़बूल (10)

1977   |   Bhakkar

मक़बूल ज़की मक़बूल का मूल नाम मक़बूल हुसैन है। उनका जन्म 1 जनवरी 1977 को पंजाब (पाकिस्तान) के ज़िला लैय्या में हुआ। उनके पिता का नाम इक़बाल हुसैन है। वे पेशे से स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत हैं और मंकेरा शहर, ज़िला भक्कर, पंजाब (पाकिस्तान) में निवास करते हैं।

उन्होंने नियमित रूप से 2005 में शायरी और 2014 में गद्य लेखन की शुरुआत की। उनकी प्रमुख पुस्तकों में सज्दा, मुन्तहाए फ़िक्र, सुनहरे लोग, रोशन चेहरे, एतराफ़-ए-फ़न: आसिम बुख़ारी, शनज़रात-ए-मक़बूल, ये मेरा भक्कर, अंदाज़-ए-बयाँ देख, आसिम बुख़ारी: शख़्स और शायर, हुब दार क़ाइम: जगमगाता सितारा तथा हुस्न-ए-बयाँ शामिल हैं।

उनकी साहित्यिक सेवाओं पर ग़ाज़ी यूनिवर्सिटी, डेरा ग़ाज़ी ख़ान में बी.एस. उर्दू के तीन शोध-प्रबंध लिखे जा चुके हैं। उनकी साहित्यिक पहचान पर रैहाना बतूल की पुस्तक मक़बूल ज़की मक़बूल की अदबी मक़बूलियत प्रकाशित हो चुकी है, जबकि मक़बूल ज़की मक़बूल: ख़िराज-ए-फ़न प्रकाशन के अंतिम चरण में है।

वे बज़्म-ए-ओज-ए-अदब (भक्कर) के संस्थापक चेयरमैन हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें 6 गोल्ड मेडल, 26 पुरस्कार, 15 सम्मान-पत्र तथा अनेक अन्य सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। वे एक दर्जन से अधिक अख़बारों, पत्रिकाओं और साहित्यिक जर्नलों से जुड़े रहे हैं।

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