पहचान: शिब्लियात के विशेषज्ञ और दारुल मुसन्निफ़ीन के मानद सदस्य
डॉ. मोहम्मद इलयास अल-आज़मी उर्दू साहित्य के एक प्रसिद्ध लेखक, शोधकर्ता और समीक्षक हैं, जिन्होंने विशेष रूप से शिब्लियात के क्षेत्र में उल्लेखनीय सेवाएँ दी हैं। उनका नाम उन विद्वानों में लिया जाता है जिन्होंने शोध और आलोचना के माध्यम से उर्दू की अकादमिक दुनिया में एक प्रतिष्ठित स्थान प्राप्त किया।
इलियास आज़मी का जन्म 23 सितंबर 1966 को महराजपुर, ज़िला आजमगढ़ में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा के बाद उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की और आगरा विश्वविद्यालय से उर्दू में एम.ए. किया। इसके बाद पूर्वांचल विश्वविद्यालय (जौनपुर) से पीएचडी की डिग्री प्राप्त की।
डॉ. इलियास आज़मी इस समय दारुल मुसन्निफ़ीन शिब्ली अकादमी के मानद साथी हैं और अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शैक्षिक और शोध संस्थानों तथा पत्रिकाओं से जुड़े हुए हैं।
उनकी विद्वतापूर्ण सेवाओं का दायरा व्यापक है, लेकिन विशेष रूप से अल्लामा शिब्ली नोमानी पर उनका कार्य अत्यंत महत्वपूर्ण और उल्लेखनीय है। उन्होंने शिब्ली नोमानी के व्यक्तित्व, विचारों और विद्वतापूर्ण योगदान पर कई वर्षों तक निरंतर कार्य किया और इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण ज्ञान-संपदा प्रदान की।