लेखक : मिर्ज़ा जवाँ बख़्त जहाँदार

संपादक : वहीद क़ुरैशी

प्रकाशक : इम्तियाज़ अली ताज, मज्लिस-ए-तरक़्क़ी-ए-अदब, लाहौर

प्रकाशन वर्ष : 1966

भाषा : Urdu

श्रेणियाँ : शाइरी

उप श्रेणियां : दीवान

पृष्ठ : 186

सहयोगी : रेख़्ता

दीवान-ए-जहांदार

लेखक: परिचय

जहाँदार, मीरज़ा जवाँ बख़्श मुग़ल शहंशाह शाह आलम के बेटे और वली-अह्द (उचयधिकारी) थे, मगर दरबारी साजिशों से तंग आकर, लाल क़िला और भारी राजपाट छोड़ा और लखनऊ चले गए फिर कुछ दिन बाद बनारस में जा बसे। नवाब आसिफ़ुद्दौला ने उन्हें संरक्षग दिया। अंग्रेज़ों ने भी पेंशन बाँध रखी थी।

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