Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर
For any query/comment related to this ebook, please contact us at haidar.ali@rekhta.org

लेखक: परिचय

पहचान: आलिम-ए-दीन, फ़क़ीह, मुहद्दिस, मुफ़्ती, जिन्हें “आला हज़रत” और “मुजद्दिद-ए-माअत-ए-हाज़िरा” के ख़िताबों से जाना जाता है।

अहमद रज़ा खान बरेलवी10 शव्वाल 1272 हिजरी (14 जून 1856) को उत्तर भारत के शहर बरेली के मुहल्ला सौदागरान में पैदा हुए। उनका संबंध पठानों के सम्मानित क़बीले “बड़ीच” से था। उनके पूर्वज कंधार से मुग़ल दौर में हिंदुस्तान आए और ऊँचे सरकारी पदों पर रहे। परिवार को “शश हज़ारी” और “शुजाअत जंग” जैसे ख़िताब मिले और कुछ समय तक लाहौर का शीश महल भी उनके अधीन रहा।

उन्होंने शुरुआती और ऊँची दीऩी तालीम अपने वालिद मौलाना नकी अली ख़ाँ से हासिल की। कुछ किताबें दूसरे उस्तादों से भी पढ़ीं, लेकिन बाद में ज़्यादातर इल्म अपनी ख़ुदादाद काबिलियत और गहरी समझ से हासिल किया। रूहानी तरक़्क़ी के लिए मारहरा शरीफ़ के सूफ़ी बुज़ुर्गों से सिलसिला जोड़ा।

वो फ़िक़्ह-ए-हनफ़ी के बड़े आलिम थे। उनके हज़ारों फ़तवों का बड़ा संग्रह “फ़तावा रज़विया” के नाम से मशहूर है, जो आज नई छपाई में लगभग 30 जिल्दों तक पहुँच चुका है। उन्होंने सिर्फ़ दीऩी इल्म ही नहीं बल्कि हिसाब, फ़लकियात और दूसरे उलूम पर भी बहुत से रिसाले लिखे। क़ुरआन का उनका उर्दू तरजुमा “कंज़ुल ईमान” आज भी बहुत पढ़ा जाता है।

नबी करीम ﷺ से उनकी गहरी मोहब्बत उनकी शायरी में साफ़ दिखती है। उनका नअतिया मजमूआ “हदायक़-ए-बख़्शिश” उर्दू अदब में बहुत अहम माना जाता है। मशहूर सलाम

“मुस्तफ़ा जान-ए-रहमत पे लाखों सलाम”

आज भी पूरी दुनिया में पढ़ा जाता है। उन्होंने उर्दू के साथ-साथ अरबी और फ़ारसी में भी नअत लिखीं, जिनके मजमूए “बस्तातीनुल ग़ुफ़रान” और “अरमग़ान-ए-रज़ा” हैं।

उन्होंने पूरी ज़िंदगी पढ़ाने, लिखने और इस्लाही कामों में गुज़ारी। बरेली में उनका मज़ार आज भी लोगों की ज़ियारत की जगह है। दक्षिण एशिया के बहुत से सुन्नी मुसलमान खुद को उनकी निस्बत से “बरेलवी” कहते हैं।

निधन: 25 सफ़र 1340 हिजरी (28 अक्टूबर 1921) को बरेली में ही इंतक़ाल हुआ।

.....और पढ़िए
For any query/comment related to this ebook, please contact us at haidar.ali@rekhta.org

लेखक की अन्य पुस्तकें

लेखक की अन्य पुस्तकें यहाँ पढ़ें।

पूरा देखिए

लोकप्रिय और ट्रेंडिंग

सबसे लोकप्रिय और ट्रेंडिंग उर्दू पुस्तकों का पता लगाएँ।

पूरा देखिए
बोलिए