लेखक : अज़ीज़ अहमद

प्रकाशक : किताब कार पब्लिकेशन्स, रामपुर

प्रकाशन वर्ष : 1966

भाषा : Urdu

श्रेणियाँ : नॉवेल / उपन्यास, उपन्यासिका

पृष्ठ : 126

सहयोगी : शाहराह, दिल्ली

जब आँखे आहन पोश हुईं

पुस्तक: परिचय

عزیز احمد کا تاریخی اور تہذیبی شعور ان کے افسانوی اور غیرافسانوی تحریروں میں جابجا نظر آتا ہے۔ان کی علمی اور ذہنی وسعت ہندوستان کے ساتھ ساتھ اپنے عہد کی بین الاقوامی صورت حال کو بھی پیش کرنے پر اکساتی ہے۔ "جب آنکھیں آہن پوش ہوئیں" عزیز احمد کاتاریخی ناول ہے، جس میں امیر تیمور کی سوانح حیات کو ایک کامیاب حکمراں کی جگہ ایک عام انسان کی طرح پیش کیا گیا ہے۔جس کا مقصد یہ دکھانا ہے کہ ایک عام انسان جو بچپن سے جوانی تک کا سفر طے کر کے ضعیفی کو پہنچ جاتا ہے ۔اس وقت وہ فطرتا نرم دل ،سنجیدہ اور معلم الاخلاق بن جاتا ہے۔اس کے علاوہ یہ ناول تہذیب وتمدن، معاشرت اور تاریخ کی حقیقی تصویر بھی پیش کرتا ہے۔

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