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पहचान: नाटककार, कहानीकार, संपादक और बच्चों के लोकप्रिय लेखक
मिर्ज़ा अदीब (वास्तविक नाम: दिलावर अली) का जन्म 14 अप्रैल 1914 को लाहौर में हुआ। उन्होंने अपनी पूरी शिक्षा लाहौर में ही प्राप्त की और इस्लामिया कॉलेज, लाहौर से बी.ए. की डिग्री हासिल की। छात्र जीवन से ही उनमें साहित्यिक रुचि थी और उन्होंने अपने लेखन की शुरुआत शायरी से की। प्रारंभ में उन्होंने ‘आसी’ और फिर ‘बर्क़’ तखल्लुस अपनाया, लेकिन उन्हें प्रसिद्धि ‘मिर्ज़ा अदीब’ के नाम से मिली।
सिर्फ 21 वर्ष की आयु में उन्होंने प्रतिष्ठित पत्रिका ‘अदब-ए-लतीफ़’ का संपादन संभाला और उसे ऊँचाइयों तक पहुँचाया। इसके अलावा वे लंबे समय तक रेडियो पाकिस्तान, लाहौर से भी जुड़े रहे।
मिर्ज़ा अदीब की साहित्यिक पहचान मुख्यतः उनके एकांकी नाटकों और कहानियों पर आधारित है। उन्होंने अपनी रचनाओं में मानव प्रेम, त्याग और सद्भावना को प्रमुख विषय बनाया। उनकी प्रसिद्ध कृतियों में ‘आँसू और सितारे’, ‘लहू और कालीन’, ‘फसील-ए-शब’, ‘शीशे की दीवार’, ‘मिट्टी का दिया’ (आत्मकथा) और ‘सहरानवर्द के ख़ुतूत’ शामिल हैं।
उन्होंने बच्चों के लिए भी उत्कृष्ट साहित्य रचा, जिनमें ‘नानी जान की ऐनक’, ‘तीस मार ख़ाँ’ और ‘क़ौम की बेटी’ विशेष रूप से उल्लेखनीय हैं।
उन्होंने कॉलम लेखन, आलोचना और अनुवाद के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कार्य किया। ‘नवाए वक़्त’ में उनके साहित्यिक कॉलम बहुत रुचि के साथ पढ़े जाते थे।
निधन: 31 जुलाई 1999 को लाहौर में उनका निधन हुआ।