aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
यह किताब उर्दू अदब के तहक़ीक़ी व तनक़ीदी मज़ामीन का एक मजमूआ है जो डॉक्टर दीवान हन्नान ख़ान ने मुरत्तब किया है। इसमें उर्दू नस्र के आग़ाज़ व इर्तक़ा, दास्तान, नावेल, अफ़साना, इंशाइया और ड्रामा जैसे मुख़्तलिफ़ अस्नाफ़ पर अहम मज़ामीन शामिल हैं। यह मजमूआ तलबा की निसाब़ी ज़रूरतों को मददेनज़र रखते हुए उर्दू अदब के मुख़्तलिफ़ पहलुओं को समझने में मुआविन साबित होता है, जिसमें क्लासिकी अदब पारों का तज़जिया और अदबी तहरीकों की फ़िक़री बुनियादें भी ज़ेर-ए-बहस हैं।