लेखक : तालिब बाग़पती

संपादक : शमसुल अाबदीन कुरेशी

प्रकाशक : अमान तालिब

प्रकाशन वर्ष : 1985

भाषा : Urdu

श्रेणियाँ : शाइरी

पृष्ठ : 185

सहयोगी : सुमन मिश्रा

शाख़-ए-नबात

लेखक: परिचय

तालिब बागपती की गिनती क्लासिकी रंग की ग़ज़ल कहनेवाले प्रसिद्ध शायरों और श्रेष्ठ गद्यकारों में होती है. उन्होंने शायरी में जिगर मुरादाबादी और नुदरत मेरठी से लाभ उठाया और इश्क़ के सोज़ व गुदाज़ में डुबी हुई ग़ज़लें और नज़्में कहने लगे.
तालिब का असल नाम कुँवर लताफ़त अली खां था. 27 नवंबर 1903 को बागपत ज़िला मेरठ में पैदा हुए. मेरठ कालेज से एफ़.ए. की शिक्षा प्राप्त की. ‘कोई’ के छद्मनाम से ‘आलमगीर’ में हास्य लेखन किया. उनका यह मसखरापन उनकी शायरी में भी नज़र आता है. तालिब का काव्य संग्रह 1936 में ‘शाख-ए-नबात’ के नाम से प्रकाशित हुआ. 26 जुलाई 1984 को तालिब का देहांत हुआ.

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