ग़ज़लें
नई नस्ल के मुमताज़ शायरों और नक़्क़ादों में शुमार, साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित
प्रमुखतम प्रगतिशील शायरों में विख्यात/ फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ के समकालीन/अपनी गज़ल ‘मरने की दुआएँ क्यों माँगूँ.......’ के लिए प्रसिद्ध, जिसे कई गायकों ने स्वर दिए हैं
जमशेदपुर, झारखंड से संबंध रखने वाले शायर, ग़ज़ल के क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखते हैं