ग़ज़लें
1914 -1988
प्रख्यात उर्दू शायर, पत्रकार और क़तआ-निगार, हुकूमत-ए-पाकिस्तान द्वारा तमग़ा-ए-हुस्न-ए-कारकर्दगी से सम्मानित
1763 -1835
उर्दू शायरी की विधा ' रेख़्ती ' के लिए प्रसिद्ध जिसमें शायर औरतों की भाषा में बोलता है