हास्य
1863 -1923
उर्दू शायरी के दबिस्तान-ए-अज़ीमाबाद के अलमबरदारों में एक प्रमुख नाम, ‘शम्स-उल-उलमा’ और ‘ख़ान बहादुर’ की उपाधियों से सम्मानित किए गए
1915 -1966
हास्य-व्यंग के चर्चित शायर। महत्वपूर्ण फ़िल्म गीतकार , फ़िल्म ' मेरा साया ' के गीत ' झुमका गिरा रे ' के लिए प्रसिध्द