नअत
18वीं सदी के बड़े शायरों में शामिल, मीर तक़ी 'मीर' के समकालीन।
प्रसिद्ध शायर, गद्यकार, पत्रकार, संपादक और फ़िल्मी गीतकार, शास्त्रीय शायरी, साहित्यिक पत्रकारिता, नात-लेखन तथा सजीव और सुरुचिपूर्ण गद्य-शैली के लिए प्रसिद्ध
उर्दू के पहले बड़े शायर जिन्हें 'ख़ुदा-ए-सुख़न' (शायरी का ख़ुदा) कहा जाता है