नअत
1867 -1945
मशहूर उत्तर-क्लासिकी शाइर जो नवाब लोहारू से वाबस्ता थे। उनका नाम मिर्ज़ा ग़ालिब ने प्रस्तावित किया था और वह दाग़ देहलवी के दामाद थे
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
मशहूर उत्तर-क्लासिकी शाइर जो नवाब लोहारू से वाबस्ता थे। उनका नाम मिर्ज़ा ग़ालिब ने प्रस्तावित किया था और वह दाग़ देहलवी के दामाद थे