Aamir Suhail's Photo'

आमिर सुहैल

1977 | पाकिस्तान

पाकिस्तान के अहम शायरों में शामिल, आधुनिक सामाजिक समस्याओं को अपनी नज़्मों और ग़ज़लों का विषय बनाने के लिए जाने जाते हैं

पाकिस्तान के अहम शायरों में शामिल, आधुनिक सामाजिक समस्याओं को अपनी नज़्मों और ग़ज़लों का विषय बनाने के लिए जाने जाते हैं

ज़रा सी चाय गिरी और दाग़ दाग़ वरक़

ये ज़िंदगी है कि अख़बार का तराशा है

मैं क्या करूँगा रह के इस जहान में

जहाँ पे एक ख़्वाब की नुमू हो

Added to your favorites

Removed from your favorites