Akhtar Ansari Akbarabadi's Photo'

अख़्तर अंसारी अकबराबादी

1920 - 1958

शायर और साहित्यिक पत्रकार, ‘नशेमन’, ‘मशरिक़’ और ‘नई क़द्रें’ जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं का सम्पादन किया. पद्य गद्य में कई कई किताबें प्रकाशित हुईं

शायर और साहित्यिक पत्रकार, ‘नशेमन’, ‘मशरिक़’ और ‘नई क़द्रें’ जैसी साहित्यिक पत्रिकाओं का सम्पादन किया. पद्य गद्य में कई कई किताबें प्रकाशित हुईं

ग़ज़ल 25

शेर 22

चुप रहो तो पूछता है ख़ैर है

लो ख़मोशी भी शिकायत हो गई

  • शेयर कीजिए

ज़ुल्म सहते रहे शुक्र करते रहे आई लब तक ये दास्ताँ आज तक

मुझ को हैरत रही अंजुमन में तिरी क्यूँ हैं ख़ामोश अहल-ए-ज़बाँ आज तक

क्या करिश्मा है मिरे जज़्बा-ए-आज़ादी का

थी जो दीवार कभी अब है वो दर की सूरत

पुस्तकें 46

Akbar Is Daur Mein

 

1952

दिल-ए-रुस्वा

 

 

फ़िरदौस-ए-मुग़लिया

 

1946

Jam-e-Nau

 

1949

Kaif-o-Rang

 

 

Lisan-ul-Asar

 

1951

Nai Rahguzar Nai Kahkashan

 

 

Nala Paband-e-Nai

 

 

Shumara Number-002

1955

Shumara Number-004

1955