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अख़्तर सईद ख़ान

1923 - 2006 | भोपाल, भारत

प्रगतिवादी विचारधारा के शायर, प्रगतिशील लेखक संघ के सचिव भी रहे

प्रगतिवादी विचारधारा के शायर, प्रगतिशील लेखक संघ के सचिव भी रहे

अख़्तर सईद ख़ान के ऑडियो

ग़ज़ल

आज भी दश्त-ए-बला में नहर पर पहरा रहा

नोमान शौक़

कभी ज़बाँ पे न आया कि आरज़ू क्या है

नोमान शौक़

कहें किस से हमारा खो गया क्या

नोमान शौक़

दिल की राहें ढूँडने जब हम चले

नोमान शौक़

दिल-ए-शोरीदा की वहशत नहीं देखी जाती

नोमान शौक़

दीदनी है ज़ख़्म-ए-दिल और आप से पर्दा भी क्या

नोमान शौक़

मुद्दत से लापता है ख़ुदा जाने क्या हुआ

नोमान शौक़

ये हम से पूछते हो रंज-ए-इम्तिहाँ क्या है

नोमान शौक़

याद आएँ जो अय्याम-ए-बहाराँ तो किधर जाएँ

नोमान शौक़

सफ़र ही शर्त-ए-सफ़र है तो ख़त्म क्या होगा

नोमान शौक़

सैर-गाह-ए-दुनिया का हासिल-ए-तमाशा क्या

नोमान शौक़

Recitation

aah ko chahiye ek umr asar hote tak SHAMSUR RAHMAN FARUQI