Anis Dehlavi's Photo'

अनीस देहलवी

1930 | दिल्ली, भारत

पत्रकार, शायर, कथाकार, संपादक 'फ़िल्मी सितारे' ख़्वाजा अहमद अब्बास की फ़िल्म 'परदेसी' के अलावा कई नाटकों में भूमिका में निभा चुके हैं

पत्रकार, शायर, कथाकार, संपादक 'फ़िल्मी सितारे' ख़्वाजा अहमद अब्बास की फ़िल्म 'परदेसी' के अलावा कई नाटकों में भूमिका में निभा चुके हैं

147
Favorite

श्रेणीबद्ध करें

जो दिल बाँधे वो जादू जानता है

मिरा महबूब उर्दू जानता है

छीन लीं ख़ुशियाँ मिरी आँखों से मेरी नींद भी

ज़िंदगी तू ने मुझे अब तक दिया कुछ भी नहीं

निगाह चाहिए बस अहल-ए-दिल फ़क़ीरों की

बुरा भी देखूँ तो मुझ को भला नज़र आए

उस बेवफ़ा पे मरने को आमादा दिल नहीं

लेकिन वफ़ा की ज़िद है कि मर जाना चाहिए

आप की बातों में कर खो दिया दिल का सुकूँ

ज़िंदगी में देखिए मेरी बचा कुछ भी नहीं

आप का कोई सफ़र बे-सम्त बे-मंज़िल हो

ज़िंदगी ऐसी जीना जिस का मुस्तक़बिल हो

उड़ा गए हैं बहुत धूल जाने वाले लोग

छटे ग़ुबार तो कुछ रास्ता नज़र आए

कैसा अजीब वक़्त है कोई भी हम-सफ़र नहीं

धूप भी मो'तबर नहीं साया भी मो'तबर नहीं

करना है आप को जो नए रास्तों की खोज

सब जिस तरफ़ जाएँ उधर जाना चाहिए

सहरा से चले भी गए दार-ओ-रसन तक

होना था जिन्हें वो हमारे हुए लोगो

पता इस का तो हम रिंदों से पूछो

ख़ुदा को कब ये साधू जानता है