Font by Mehr Nastaliq Web

aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair

jis ke hote hue hote the zamāne mere

रद करें डाउनलोड शेर

अंजाम के शेर

न सुन तू पंद वाइज़ का जो अपने धुन में पक्का है

ख़ुदा-हाफ़िज़ तिरा दोज़ख़ भी इक शरई धड़का है

अब यही एहसाँ है जो हरगिज़ न हों आज़ाद हम

फिर चमन में जाएँ क्या मुँह ले के ऐ सय्याद हम

Recitation

बोलिए